News 18 चैनल ने प्रसारित की वोट के बाद की हिंसा की फर्जी तस्वीरें!
News 18 चैनल ने प्रसारित की वोट के बाद की हिंसा की फर्जी तस्वीरें!
 

पुरानी तस्वीरें, वीडियो फुटेज दिखाते हुए दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें बंगाल में वोट के बाद हुई हिंसा की हैं। तृणमूल इतने लंबे समय से भाजपा पर इस तरह के आरोप लगा रही है। इस बार भी लगभग यही आरोप अंग्रेजी न्यूज चैनल सीएनएन न्यूज18 पर लगाया गया है। ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट बताती है कि कैसे News18 ने बंगाल में वोट के बाद की हिंसा की तस्वीरें/वीडियो होने का दावा करने वाली पुरानी तस्वीरों को दिखाया है।

उच्च न्यायालय ने 17 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करने का निर्देश दिया था। 21 जून को, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने के लिए अदालत की एक बड़ी पीठ का दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज कर दी। तीन दिन बाद, अंग्रेजी समाचार चैनल CNN News18 ने कुछ ऐसी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जिनका चुनाव के बाद की हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था।

ऑल्ट न्यूज़ का दावा है कि न्यूज़ 18 ने चुनाव के बाद की हिंसा पर प्राइम टाइम रिपोर्ट के दौरान कुछ तस्वीरों का इस्तेमाल किया, उनमें से कुछ पंचायत चुनावों के और कुछ पिछले साल रामनवमी रैली के दौरान हुए दंगों के थे ।

रिपोर्ट की शुरुआत में चार पहिया मालवाहक कार में आग लग जाती है। जहां फिल्म को पर्दे पर दिखाया जा रहा है वहीं होस्ट बंगाल में वोट के बाद हुई हिंसा की खबरें पढ़ रहा है। हालांकि इस रिपोर्ट में तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन पता चलता है कि यह 2016 में आसनसोल में हुए दंगों की तस्वीर है।

2016 में, द इंडियन एक्सप्रेस ने आसनसोल दंगों की खबरों में उसी छवि का इस्तेमाल किया था । यह तस्वीर उस वक्त न्यूज एजेंसी पीटीआई ने ली थी। NDTV ने 26 मार्च, 2016 को अपनी रिपोर्ट में इसी तस्वीर का ज़िक्र  किया था।

कुछ ही समय बाद, टीवी स्क्रीन पर बंगाल की वोट-के बाद हुई हिंसा के सबूत दिखाए गए जिनमे उत्तेजित भीड़ ने टायरों में आग लगा दिया और सड़कों को बंद कर दिया था । ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट कहती है कि यह राज्यसभा द्वारा नागरिकता कानून पारित करने के बाद विरोध प्रदर्शन की एक तस्वीर है, जिसे वोट के बाद की हिंसा की तस्वीर होने का दावा करते हुए प्रसारित किया जा रहा है।

ऑल्ट न्यूज़ के  अनुसार प्राइम टाइम में इस्तेमाल की गई तस्वीर का इस्तेमाल दो न्यूज पोर्टल ‘यूथ की आवाज’ ने 16 दिसंबर, 2019 को और ‘द सिटिजन’ ने 16 दिसंबर, 2019 को सीएबी के विरोध प्रदर्शनों को कवर करने के लिए किया था। पत्रकार तीर्थंकर दास ने भी 16 दिसंबर, 2019 को तस्वीर ट्वीट की।

 

हिन्दुस्तान टाइम्स ने 9 जुलाई 2016 को पंचायत वोट में अनियमितताओं के बारे में एक समाचार प्रकाशित किया। सड़क पर दो मोटरसाइकिल धधक रही हैं। जहां हिंदुस्तान टाइम्स की यह तस्वीर न्यूज 18 की प्राइम टाइम रिपोर्ट में दिखाई जा रही है, वहीं मौजूदा तृणमूल सांसद काकली घोष दस्तीदार से बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर चर्चा हो रही हैं। 

 

2021 के बाद की हिंसा रिपोर्ट में 2016 और 2019 की घटनाओं की तस्वीरों का उपयोग करने के लिए News18 के अधिकारियों की पहले ही आलोचना की जा चुकी है। 

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